जब कोई छोटा बच्चा बहुत अच्छे से पेश आता है तो उसे देख कर मन में विचार आता है कि इसके माता-पिता ने इसे बहुत ही अच्छी बातें सिखाई हुई है । अच्छी आदतें बच्चों को ना केवल व्यवहार कुशल बनाती है बल्कि उन्हें उनके जीवन में सफलता हासिल करने में भी सहायक सिद्ध होती है ।
छोटे बच्चे खेल -खेल में ही बहुत कुछ सीख जाते हैं । प्रत्येक माता-पिता की यह जिम्मेदारी बनती है की अपने बच्चों में बहुत छोटी उम्र से ही अच्छी आदतें विकसित करें। बच्चों के लिए किसी भी काम को ठीक समझना और उसे अपनाना बहुत सरल होता है।
आइए जानते हैं कौन-कौन सी है वह अच्छी आदतें जो हमें हमारे बच्चों को सिखाने चाहिए
बच्चों को सच बोलने के लिए प्रेरित करें ।
अकसर देखा गया है की बच्चे कोई गलती हो जाने पर सच नहीं बोलते हैं। उन्हें लगता है कि वह अगर सच बताएंगे तो माता पिता से डांट खानी पड़ सकती है । इसलिए वह झूठ का सहारा लेना पसंद करते हैं । ऐसे में यह माता-पिता की नैतिक जिम्मेदारी बनती है की अपने बच्चों को सच बोलने के लिए प्रेरित करें ।
समय का सदुपयोग बताएं ।
बच्चों को समझाएं की समय पर सभी कार्य करने से उनके पास खेलने के लिए बहुत समय बच सकता है। बच्चों को शिक्षाप्रद कहानियां सुनाएं जिससे वह समझ पाएंगे कि अपने काम को समय पर करना क्यों आवश्यक है ।
अपनी बात को विनम्रता से कहने की कला
उन्हें अपनी बात को विनम्रता से कहने की कला जरूर सिखाएं। बच्चों को बताएं कि क्रोध में कहीं गई उनकी सही बात भी गलत परिणाम दे सकती है। उन्हें अपनी बात को हमेशा विनम्रता पूर्वक बताने के लिए कहे।
उन्हें अच्छे और बुरे के बीच का अंतर बताएं
उन्हें अच्छे और बुरे की पहचान बचपन से ही सिखाना बहुत जरूरी है ।जिससे वह अपने छोटे-छोटे फैसले आसानी से ले सके। सही और गलत की पहचान से ही उनका चरित्र निर्माण होता है ।
अपने नन्हे मुन्ने को ईमानदार बनने की प्रेरणा दें ।
उन्हें बताएं की ईमानदारी सर्वोत्तम नीति है इसके लिए हम कई तरह की प्रेरणादायक कहानियों का सहारा भी ले सकते हैं ।
बच्चों को व्यावहारिकता सिखाएं।
उन्हें ( प्लीज, थैंक्यू, और सॉरी )कृपया, धन्यवाद और माफी जैसे शब्दों का प्रयोग कब और कैसे करें, जरूर बताएं। बच्चों को बताएं कि किसी से कोई भी सामान लेते वक्त उसे धन्यवाद जरूर दें। अगर आप से कोई गलती हो गई है, तो उसके लिए (सॉरी ) ठीक है जीमाफी भी मांग लेनी चाहिए।
बच्चों को पौष्टिक भोजन के फायदे जरूर बताएं ।
बच्चों को बताएं फल, सब्जियां, पत्तेदार हरी सब्जियां, दूध, अंडा इत्यादि उनके स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होते हैं। इसके लिए बच्चों के मनपसंद कार्टून को भी माध्यम बनाकर आप कहानी के माध्यम से बच्चों को समझा सकते हैं।
दूसरों की मदद करने के लिए प्रेरित करें ।
बच्चों को बड़े बुजुर्गों की मदद करनी चाहिए। उन्हें बड़े बुजुर्गों की इज्जत करने का करने की प्रेरणा भी माता पिता ही देते हैं ।
अपने छोटे-छोटे काम करने के लिए प्रेरित करें।
बच्चों को बताएं कि हर सामान की एक सुनियोजित जगह होती है और सामान के इस्तेमाल के बाद उसे उसकी जगह पर वापस रखना चाहिए।
बच्चों को कूड़ा कचरा डस्टबिन में डालने के लिए कहे।
उन्हें कोई भी सामान एक जगह से दूसरी जगह फैलाने पर बात-बात पर रोकना भी माता-पिता का ही काम है। शुरुआत में यह सिखाने में माता-पिता का थोड़ा समय जरूर लगता है, एक बार बच्चा यह सीख जाए तो इससे घर भी व्यवस्थित रहता है समय की बचत होती है।
बच्चों में आत्मविश्वास बनाए।
उनकी बात को ध्यान से सुने। उन्हे अच्छे काम करने के लिए प्रेरित करें, समय-समय पर उनकी सराहना करें ।अपने बच्चों में समस्या निवारण कौशल विकसित करें(Develop problem solving skills in your kids). बच्चों को छोटे-छोटे निर्णय स्वयं लेने दे ।
बच्चों को जिम्मेदार बनाएं।
उन्हें उनके छोटे भाई बहन की देखभाल की जिम्मेदारी दे सकते है। उन्हें पौधों में पानी डालना सिखा सकते हैं और भी कई छोटे काम ऐसे हैं जो बच्चों को आप दे सकते हैं ।
बच्चों में धैर्य का विकास करें
आजकल ऐसा लगता है कि बच्चों को हर चीज जल्दी से जल्दी चाहिए, जो वे तुरंत प्राप्त करना चाहते हैं यदि वह वस्तु उन्हें नहीं मिलती तो वे अपनी आक्रामकता दिखाते हैं। ऐसे में माता-पिता का कर्तव्य बनता है कि अपने बच्चे को सहनशील और धैर्यवान बनने की प्रेरणा दें।
अपने बच्चों को शेयरिंग की आदत सिखाएं ।
बच्चों को लोगों की भावनाओं और जरूरतों को समझने में मदद मिलेगी ।
उन्हें स्वच्छता का महत्व बताएं
बच्चों को बताएं कि व्यक्तिगत स्वच्छता कितनी महत्वपूर्ण है। बच्चों को स्वच्छता के बारे में बताएं अपने नाखून छोटे रखें, प्रतिदिन स्नान करें, साफ और धुले हुए कपड़े पहने । ऐसा करने से उन्हें बीमारियों से दूर रखा जा सकता है।
बच्चों को पेड़ पौधों की देखभाल करना बताएं
उन्हें समझाएं कि पेड़ पौधों को ना तोड़े। बच्चों को पेड़ पौधों का महत्व जरूर समझाएं ।
बच्चों को दया भाव समझाएं
अपने बच्चों क जीव-जंतुओं को ना मारने और उन पर दया का भाव रखने के लिए प्रेरित करें ।
स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करें
अपने बच्चों को नियमित रूप से व्यायाम करने के लिए प्रेरित करें।बच्चों को बताएं कि व्यायाम आपकी हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और उन्हें स्वस्थ बनाता है।
भोजन का आदर करना सिखाएं
बच्चों को समझाएं कि वह अपनी प्लेट में सिर्फ उतना ही खाना ले जितना वह खा सके। खाने की बर्बादी से ना सिर्फ पैसे का नुकसान होता है बल्कि भोजन का अनादर भी होता है। यह भोजन कोई गरीब या किसी जीव जंतु के पेट भरने में भी काम आ सकता था ऐसा उन्हें जरूर समझाएं ।
अध्ययन में रुचि विकसित करें
अपने बच्चे को पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करें । उन्हें समझाएं कि वह अपना टाइम टेबल तैयार करें और उसके अनुसार पढ़ाई करें । बच्चा अगर छोटा है तो उसे कविताएं और प्रेरणादायक कहानियां याद कराएं ।
उन्हें बताएं कि शरीर को आराम की आवश्यकता क्यों है?
बच्चे को जल्दी सोने और जल्दी उठने के लिए प्रेरित करें । जिससे उत्साह मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक विकास उच्च कोटि का होगा ।
आशा करती हूं कि यह लेख आपको आपके बच्चे मैं अच्छी आदतें देने के लिए प्रेरित करेगा। अगर आपका कोई सवाल या कोई सुझाव है तो वह आप कमेंट बॉक्स में टाइप करें। अगर लेख पसंद आया है तो आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ।
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